| अक्षरूपी | अक्षरेपि | अक्षरे + अपि = अक्षरेपि; अङ्कलाई अक्षरमा पनि जनाउँदा प्रयोग हुन्छ। |
| अत्याधिक | अत्यधिक | अति + अधिक = अत्यधिक। |
| अध्यावदिक | अद्यावधिक | अद्यावधि + इक = अद्यावधिक। |
| अनाधिकृत | अनधिकृत | ‘ना’ होइन, ‘न’ हुन्छ। |
| अरु | अरू | अन्त्यको ‘रू’ दीर्घ हुन्छ। |
| असक्षम | अक्षम | ‘सक्षम’ को विपरीतार्थी मानक रूप ‘अक्षम’ हो। |
| आतिथ्यता | आतिथ्य | ‘आतिथ्य’ आफैँ भाववाचक शब्द हो। |
| इकाइ | एकाइ | मानक नेपाली रूप ‘एकाइ’ हो। |
| इमानदारिता | इमानदारी | ‘इमानदारी’ आफैँ भाववाचक शब्द हो। |
| उपरोक्त | उपर्युक्त | माथि उल्लेख गरिएको अर्थमा ‘उपर्युक्त’ लेखिन्छ। |
| उल्लेखित | उल्लिखित | मानक तत्सम रूप ‘उल्लिखित’ हो। |
| एकिन | यकिन | मानक आगन्तुक रूप ‘यकिन’ हो। |
| औचित्यता | औचित्य | ‘औचित्य’ आफैँ भाववाचक शब्द हो। |
| कार्यवाही | कारबाही | मानक नेपाली रूप ‘कारबाही’ हो। |
| केन्द्रिकृत | केन्द्रीकृत | केन्द्र + ईकृत = केन्द्रीकृत। |
| कौशलता | कौशल | ‘कौशल’ आफैँ भाववाचक शब्द हो। |
| गुणस्तरीयता | गुणस्तर / गुणस्तरीय | अर्थअनुसार नाम वा विशेषण रोज्नुहोस्। |
| तत्व | तत्त्व | ‘त्’ होइन, ‘त्त्व’ हुन्छ। |
| दाई | दाइ | पुलिङ्गी शब्दको अन्त्यमा सामान्यतया ह्रस्व हुन्छ। |
| दिक्षित | दीक्षित | ‘दी’ दीर्घ हुन्छ। |
| दिपक | दीपक | ‘दी’ दीर्घ हुन्छ। |
| दुषित | दूषित | ‘दू’ दीर्घ हुन्छ। |
| धैर्यता | धैर्य / धीरता | धीर + य = धैर्य; फेरि ‘ता’ आवश्यक पर्दैन। |
| निरंकुश | निरङ्कुश | ‘क’ अघि ‘ङ्’ आउँछ। |
| निरिक्षण | निरीक्षण | ‘री’ दीर्घ हुन्छ। |
| पंक्षी | पक्षी / पन्छी | तत्सम रूप ‘पक्षी’; तद्भव रूप ‘पन्छी’। |
| परिक्षा | परीक्षा | ‘री’ दीर्घ हुन्छ। |
| परिषद | परिषद् | अन्त्यमा हलन्त ‘द्’ हुन्छ। |
| पश्चाताप | पश्चात्ताप | पश्चात् + ताप = पश्चात्ताप। |
| पाईन्छ | पाइन्छ | ‘पाइन्छ’ मा ‘इ’ ह्रस्व हुन्छ। |
| पुनरावलोकन | पुनरवलोकन | पुनर् + अवलोकन = पुनरवलोकन। |
| पुनसंरचना | पुनःसंरचना | पुनः + संरचना। |
| पुनस्थापना | पुनःस्थापना | पुनः + स्थापना। |
| भाई | भाइ | पुलिङ्गी शब्दको अन्त्यमा सामान्यतया ह्रस्व हुन्छ। |
| भुगोल | भूगोल | ‘भू’ दीर्घ हुन्छ। |
| भुमि | भूमि | ‘भू’ दीर्घ हुन्छ। |
| भुमिका | भूमिका | ‘भूमि’ कै ‘भू’ दीर्घ रहन्छ। |
| महत्व | महत्त्व | ‘त्’ होइन, ‘त्त्व’ हुन्छ। |
| मुखारविन्दु | मुखारविन्द | मुख + अरविन्द = मुखारविन्द। |
| मुद्धा | मुद्दा | पहिलो ‘द’ मा हलन्त हुन्छ। |
| मुल्यांकन | मूल्याङ्कन / मूल्याङ्कन | ‘मू’ दीर्घ हुन्छ र ‘क’ अघि ‘ङ्’ आउँछ। |
| राजनैतिक | राजनीतिक | राजनीति + इक = राजनीतिक। |
| रुप | रूप | ‘रूप’ मा दीर्घ ऊ हुन्छ। |
| लैंगिक | लैङ्गिक | ‘ग’ अघि ‘ङ्’ आउँछ। |
| विपरित | विपरीत | ‘री’ दीर्घ हुन्छ। |
| वृक्षारोपण | वृक्षरोपण | वृक्ष + रोपण = वृक्षरोपण। |
| वेभसाइट | वेबसाइट | अङ्ग्रेजी website को प्रचलित नेपाली रूप। |
| व्यवहारिक | व्यावहारिक | व्यवहार + इक = व्यावहारिक। |
| व्यहोरा | बेहोरा | यो ‘व्यवहार’ बाट बनेको शब्द होइन; मानक रूप ‘बेहोरा’ हो। |
| शारिरिक | शारीरिक | शरीर + इक = शारीरिक। |
| श्रीमान | श्रीमान् | अन्त्यमा हलन्त ‘न्’ हुन्छ। |
| श्रृङ्खला | शृङ्खला | प्रारम्भिक संयुक्त स्वर ‘शृ’ हो, ‘श्रृ’ होइन। |
| श्रृङ्गार | शृङ्गार | प्रारम्भिक संयुक्त स्वर ‘शृ’ हो, ‘श्रृ’ होइन। |
| श्रोत | स्रोत | मानक तत्सम रूप ‘स्रोत’ हो। |
| संकल्प | सङ्कल्प | ‘क’ अघि ‘ङ्’ आउँछ। |
| संघर्ष | सङ्घर्ष | ‘घ’ अघि ‘ङ्’ आउँछ। |
| संघीय | सङ्घीय | ‘घ’ अघि स्ववर्गीय पञ्चम वर्ण ‘ङ्’ आउँछ। |
| समिती | समिति | अन्त्यको ‘ति’ ह्रस्व हुन्छ। |
| सर्भेक्षण | सर्वेक्षण | मानक रूप ‘सर्वेक्षण’ हो। |
| संसद | संसद् | अन्त्यमा हलन्त ‘द्’ हुन्छ। |
| सामाग्री | सामग्री | मानक रूप ‘सामग्री’ हो। |
| सामाजीकरण | सामाजिकीकरण | सामाजिक + ईकरण = सामाजिकीकरण। |
| सौन्दर्यता | सौन्दर्य / सुन्दरता | सुन्दर + य = सौन्दर्य; फेरि ‘ता’ आवश्यक पर्दैन। |
| स्वभाविक | स्वाभाविक | स्वभाव + इक = स्वाभाविक। |
| हरु | हरू | बहुवचन जनाउने ‘हरू’ दीर्घ हुन्छ। |